"सफलता की कहानी" 21 वर्ष की आयु में शिवम चौरसिया बने "चार्टर्ड अकाउंटेंट" परिवार के सहयोग से रचा सफलता का नया इतिहास।

        
सागर  - शहर के तिली वार्ड निवासी श्री मनमोहन चौरसिया के सुपुत्र शिवम चौरसिया ने मात्र 21 वर्ष की आयु में चार्टर्ड अकाउंटेंट की प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार और शहर का नाम गौरवान्वित किया है। इतनी कम उम्र में इस कठिन उपलब्धि को प्राप्त करना उनकी मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प का परिणाम है।
यह सफलता केवल शिवम की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। परीक्षा की तैयारी के दौरान घर का वातावरण पूरी तरह अध्ययनमय रहा। परिवार के सदस्यों का मानना है कि यह सिर्फ शिवम की परीक्षा नहीं थी, बल्कि पूरे परिवार की परीक्षा थी।
विशेष रूप से उनकी माता का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। उन्होंने तैयारी के कठिन दौर में हर कदम पर हौसला बढ़ाया, मानसिक संबल दिया और घर की सभी जिम्मेदारियां संभालते हुए ऐसा सकारात्मक वातावरण बनाया जिससे शिवम एकाग्र होकर अध्ययन कर सके।
श्री मनमोहन चौरसिया ने सदैव अपने बच्चों को उच्च शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास प्रदान किया। बड़े पुत्र सत्यम पहले से ही कंपनी सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं, और अब शिवम के सीए बनने से परिवार की उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। इस उपलब्धि से क्षेत्रवासियों में हर्ष और गर्व का माहौल है। यह सफलता दर्शाती है कि जब पूरे परिवार का सहयोग, समर्पण और विश्वास साथ हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।

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