प्रतिमा स्थापना के उपलक्ष्य में सात दिवसीय भव्य महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें ज्ञानयज्ञ, धार्मिक कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहे। बुंदेलखंड क्षेत्र में यह प्रतिमा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है। यह भगवान शिव की तीसरी विशाल प्रतिमा है, जिसे श्री रावतपुरा सरकार द्वारा स्थापित किया गया है, और इसका उद्देश्य क्षेत्र में आध्यात्मिकता एवं पर्यटन को बढ़ावा देना है।