सागर - एकता समिति के सर्वधर्म चित्र के समक्ष उपस्थित सभी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का प्रारंभ किया कार्यक्रम की अध्यक्षता
कमलचंदजैन शिक्षक ने की
संरक्षक प्रदीपसमैया ने कहा गुरु उस मोमबत्ती की तरह होता है जो स्वयं जलता है और सभी को प्रकाश देता है
गुरु है शिक्षा का सागर
गुरु है मंदिर जैसी पूजा
गुरु ना देख जात ना पात
गुरु ना करता पक्ष पात
गुरु को करो प्रणाम
गुरु का करो आदर सम्मान
,,,,,इस अवसर पर उपस्थित सभी ने अपने अपने विचारों से गुरु की महिमा का गुणगान किया इस अवसर पर सुधीर जैन ,चंपक भाई, अरुण जैन मासाब, विनीत जैन ,सोहेल खान, कमल चंद जैन ,राजेंद्र सोनी केसर राजा नरेंद्र जैन अजीत जैन उपस्थित सभी ने गुरु के प्रति अपनी भावना प्रकट की कि गुरु माता-पिता हमारा हमेशा कल्याण सोचते हैं एवं सच्ची राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं
प्रसिद्ध गायक राजेंद्र सोनी ने मधुर आवाज में गुरु की महिमा पर गीत सुनाये ।
कार्यक्रम का मधुर संचालन संजय शास्त्री ने किया
अपने आशीष वचन व्यक्त करते हुए रशीद भाई जी ने कहा आज एकता समिति एक ऐसे मुकाम पर आगई है जहां उसे इस नगर के हर वर्ग से सहयोग मिल रहा है आगे भी सेवा के क्षेत्र में और काम करने होंगे आपने कहा कि मंज़िल का निशा है हर मंज़िल आराम किसी मंज़िल में नहीं आभार अध्यक्ष सुधीर जैन ने व्यक्त किया ।