बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय की बड़ी उपलब्धि राष्ट्रीय रिकॉट्सियल सर्विलांस कार्यक्रम में 'स्पोक सेंटर' के रूप में चयन हुआ।



 सागर - बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (BMC) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान पुख्ता की है। प्रदेश के 18 चिकित्सा महाविद्यालयों के बीच, मध्य प्रांत से एकमात्र संस्थान के रूप में बीएमसी को स्क्रब टायफस की जांच और निगरानी के लिए राष्ट्रीय रिकॉट्सियल सर्विलांस कार्यक्रम के अंतर्गत चुना गया है।
मीडिया प्रभारी डॉक्टर सौरभ जैन ने बताया कि क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), वेल्लोर द्वारा बीएमसी को 'स्पोक सेंटर' के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। एम्स भोपाल के बाद, यह उपलब्धि हासिल करने वाला बीएमसी क्षेत्र का प्रमुख संस्थान बन गया है। हाल ही में सीएमसी वेल्लोर में आयोजित कार्यशाला में विभाग के डॉ. सुमित कुमार रावत (सह-प्राध्यापक) और डॉ. रॉबिन शर्मा (रिसर्च साइंटिस्ट) ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
रोग नियंत्रण में महत्व
स्क्रब टायफस एक गंभीर संक्रामक बीमारी है जिसके लक्षणों में शामिल हैं: तेज बुखार,बेहोशी की स्थिति,
साँस लेने में गंभीर समस्या।
इस केंद्र की स्थापना से अब इन लक्षणों वाले मरीजों की त्वरित पहचान, सटीक निगरानी और बेहतर नियंत्रण संभव हो सकेगा, जिससे मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी।
डीन डॉ पीएस ठाकुर ने कहा है कि यह चयन हमारे माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान क्षमता का प्रमाण है। इस उपलब्धि के लिए डॉ. अमरदीप राय और पूरी टीम बधाई की पात्र है।

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