नोटरी पब्लिक अधिकारी संघ ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन ।




सागर - मध्यप्रदेश शासन द्वारा राजपत्र (असाधारण) दिनांक 30 मई 2025 के माध्यम से नोटरी द्वारा प्रमाणित शपथ-पत्रों पर स्टाम्प शुल्क ₹50 से बढ़ाकर ₹200 किए जाने के निर्णय पर नोटरी पब्लिक अधिकारी संघ, सागर ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत से इस निर्णय पर पुनर्विचार कर शुल्क को पूर्ववत ₹50 करने की मांग की है।
संघ के जिला अध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र कुमार दुबे, उपाध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह ठाकुर, सचिव एडवोकेट शिवदयाल बड़ोनिया, सहसचिव अर्जुन पटेल, कोषाध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, सदस्य रामदास राज एवं भूपेंद्रसिंह राठौर ने कहा कि शपथ-पत्रों की आवश्यकता विभिन्न शासकीय योजनाओं, प्रमाण-पत्रों एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगभग प्रत्येक वर्ग के नागरिकों को पड़ती है। ऐसे में ₹200 का स्टाम्प शुल्क गरीब, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गया है।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि इस निर्णय के कारण नागरिकों और नोटरी पब्लिक अधिकारियों के बीच अनावश्यक विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है, जबकि वर्षों से ₹50 के स्टाम्प पर ही शपथ-पत्रों का कार्य सुचारु रूप से संपादित होता रहा है।
संघ ने शासन से आग्रह किया है कि जनहित को दृष्टिगत रखते हुए नोटरी शपथ-पत्रों पर स्टाम्प शुल्क को पुनः पूर्ववत ₹50 किया जाए तथा ₹200 शुल्क संबंधी निर्णय को वापस लिया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरलता से प्राप्त हो सके।

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