सागर - विभिन्न रोगों में उपयोगी अश्वगंधा की औषधीय खेती ने विकासखंड देवरी एक युवा किसान की किस्मत बदल दी है। सुखचैन वार्ड निवासी राहुल लोधी ने अस्पताल की नौकरी छोड़कर 10 एकड़ में अश्वगंधा की खेती शुरू की, जिसकी इन दिनों हार्वेस्टिंग जारी है। देश की विभिन्न कंपनियों से उनकी उपज की मांग लगातार बढ़ रही है।
राहुल लोधी ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से खेती कर रहे हैं। इससे पहले वे ग्रेजुएशन पूर्ण कर भोपाल के एलबीएस अस्पताल में पब्लिक रिलेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। सोशल मीडिया के माध्यम से अश्वगंधा की खेती की जानकारी मिलने पर उन्होंने औषधीय खेती की ओर रुख किया।
उन्होंने कोटा व जयपुर में प्रशिक्षण लेकर उच्च गुणवत्ता के बीज लाकर नवंबर माह में 10 एकड़ में बोवनी की। वर्तमान में 5 एकड़ की हार्वेस्टिंग हो चुकी है और शेष जारी है।
राहुल के अनुसार अश्वगंधा की जड़ लगभग 30 हजार रुपये प्रति क्विंटल, बीज 20 हजार रुपये प्रति क्विंटल तथा भूसा 2 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिकता है। एक एकड़ में 5 से 6 क्विंटल उत्पादन से करीब 2 लाख रुपये तक की आय संभव है।
उन्होंने बताया कि परंपरागत फसलों की तुलना में औषधीय खेती अधिक लाभकारी सिद्ध हो रही है। लगभग 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की लागत में डेढ़ लाख रुपये तक मुनाफे की उम्मीद है। वर्तमान में नीमच, कोटा सहित कई शहरों से उनकी उपज के लिए मांग प्राप्त हो रही है।