सागर - सागर जिले के रामझिरिया शिवाजी वार्ड निवासी मुकेश तिवारी की पुत्री डॉ राशि तिवारी ने अपने दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और सेवा भाव के बल पर एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी लिखी है। उनकी यह उपलब्धि आज पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है। डॉ राशि तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा सागर में ही संपन्न हुई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखा और निरंतर मेहनत करते हुए डॉक्टर बनने का सपना साकार किया। उन्होंने अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई बुन्देलखंड मेडीकल कॉलेज सागर से पूर्ण की।
डॉ राशि तिवारी बताती हैं कि एमबीबीएक की पढ़ाई अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है। इसमें सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ मरीजों का उपचार भी करना पड़ता है, जिससे पढ़ाई और प्रैक्टिकल कार्यों के बीच संतुलन बनाए रखना कठिन होता है। लेकिन इसी अनुभव ने उन्हें एक कुशल, संवेदनशील और जिम्मेदार चिकित्सक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ राशि तिवारी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं परिवारजनों को देती हैं। उनके अनुसार, परिवार का सहयोग, विश्वास और मार्गदर्शन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है।
डॉ राशि तिवारी की यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह कहानी बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और सेवा का भाव साथ हो, तो हर सपना साकार किया जा सकता है।