जलगंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व पर सांस्कृतिक संध्या के मुख्य आयोजन गंगा आरती में मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सपत्निक पूजन किया, सभी के मंगल की कामना की ।हमारे पर्व त्यौहार उत्साह भक्ति श्रद्धा के साथ हमें प्रकृति से जोड़ते हैं गंगा दशहरा ऐसा ही शुभ पर्व है मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ।

हमारे पर्व त्यौहार उत्साह भक्ति श्रद्धा के साथ हमें प्रकृति से जोड़ते हैं गंगा दशहरा ऐसा ही शुभ पर्व है : मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत





 सागर -  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप जलगंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में मुख्य कार्यक्रम लाखा बंजारा झील किनारे नवग्रह मंडपम घाट पर गंगा आरती के विशेष आयोजन सहित सम्पन्न हुआ। सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम के मुख्यातिथि मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सविता सिंह राजपूत के साथ यजमान बनकर पूजनार्चन कर जल स्रोतों की सुरक्षा जल संरक्षण सहित सभी के लिए मंगल कामना की। उन्होंने लाखा बंजारा झील के जल में सभी के साथ दीपदान कर दीपक प्रवाहित किये। गंगा आरती के सांस्कृतिक संध्या आयोजन में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, श्री श्याम तिवारी, आयुक्त नगर पालिक निगम सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी श्री राजकुमार खत्री, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के वी सहित अन्य अधिकारी जनप्रतिनिधिगण व हजारों की संख्या में श्रद्धालु नागरिक शामिल हुए। ढ़ोल तांसे रमतुला दुलदुल घोड़ी आदि पारंपरिक लोक कलाकारों द्वारा विशेष प्रस्तुति और भव्य आतिशबाजी ने इस सांस्कृतिक संध्या के दौरान गंगा आरती में सभी को मोहित किया। 

 मंत्री खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मध्यप्रदेश शासन श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा की आज बहुत ही शुभ दिन है आज गंगा दशमी यानि गंगा दशहरा का पावन पर्व है। कालांतर में आज के ही दिन भगीरथी प्रयास से गंगा मैया का उदगम इस धरती पर हुआ था। जीवन दायनी गंगा मैया की कृपा मानवमात्र सहित सम्पूर्ण धरती जगत को प्राप्त हुई थी। हम सब माँ गंगा को प्रणाम करते हैं और उनकी कृपा हम सब पर बनी रहे ऐसी प्रार्थना और कामना करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल संवर्धन हेतु जलगंगा संवर्धन अभियान प्रदेश भर में चलाया जा रहा है। इसके तहत ऐतिहासिक जल स्रोत जैसे कुएं, बावड़ी, तालाब और नदियों आदि का जीर्णोद्धार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। प्रत्येक जल स्रोत की व्यापक साफ सफाई की जा रही है। ऐसे जल स्रोत जो लगभग खत्म होने की कगार पर थे वे आज जीवंत होकर लोगों के लिए उपयोगी बने हैं। हजारों लाखों छोटे बड़े जलस्रोत आज सुरक्षित बने हैं और लगातार इन पर कार्य किया जा रहा है। पानी हमारे जीवन में कितना आवश्यक हैं ये हम सब जानते हैं। जल के महत्व को देखते हुए जल संरक्षण के इस संदेश को जन जन तक पहुंचाने के लिए हमारी सरकार विभिन्न अभियानों के माध्यम से जागरूकता ला रही है जलगंगा संवर्धन अभियान आज जनआंदोलन बन चुका है।इसका ही परिणाम है की आज इतनी बड़ी हजारों की संख्या में आप सब श्रद्धालु और जागरूक नागरिक लाखा बंजारा झील किनारे आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में शामिल होकर धर्मलाभ लेने के साथ ही जल संरक्षण हेतु संकल्पित हो रहे हैं। आप सभी की श्रद्धा और भक्ति अगाध और प्रसंसनीय है। हमारी सरकार प्रत्येक त्यौहार पर्व को उत्साह से मनाने के लिए प्रतिब्ध है। हम सब आशा, भक्ति, श्रद्धा के साथ इन त्योहारों को मनाते हैं। भारतीय परम्परा में त्योहारों और पर्वों का पर्यावरण संरक्षण में बड़ा महत्व है। लगभग प्रत्येक त्यौहार और पर्व हमें अपनी प्रकृति और परम्पराओं से जोड़कर प्रकृति जल वायु पृथ्वी के संरक्षण का संदेश देता है। आप सभी इतनी बड़ी संख्या में इस पावन कार्यक्रम में धर्मलाभ लेने के लिए दूर दूर से आये हैं आप सभी श्रद्धालु नागरिकों का हृदय से धन्यवाद और शुभकामनायें।

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